जब लगा था "तीर" तब इतना "दर्द" न हुआ ग़ालिब

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जब लगा था "तीर" तब इतना "दर्द" न हुआ ग़ालिब..
"ज़ख्म" का एहसास तब हुआ जब "कमान" देखी अपनों के हाथ में

This is a great इतना प्यार शायरी.

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