गुज़र गए हैं बहुत दिन रफ़ाक़त-ए-शब में

SHARE

गुज़र गए हैं बहुत दिन रफ़ाक़त-ए-शब में
इक उम्र हो गयी चेहरा वो चाँद सा देखे
तेरे सिवा भी कई रंग खुश नज़र थे मगर
जो तुझ को देख चुका हो वो और क्या देखे

This is a great बहुत खूबसूरत शायरी. If you like बहुत अच्छी शायरी then you will love this. Many people like it for बहुत खूब शायरी. Share it to spread the love.

SHARE