जो तेरी मुंतज़िर तीन वो आँखें ही बुझ गई

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जो तेरी मुंतज़िर तीन वो आँखें ही बुझ गई
अब क्यों सजा रहा है चिरागों से शाम को

This is a great आँखें शायरी २ लाइन. If you like तेरी खामोशी शायरी then you will love this. Many people like it for तेरी खूबसूरती शायरी.

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