चलने दो ज़रा आँधियाँ हक़ीक़त की

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चलने दो ज़रा आँधियाँ हक़ीक़त की
न जाने कौन से झोंके से अपनों के मुखौटे उड़ जायें

This is a great अपनों का दर्द शायरी. If you like अपनों की याद शायरी then you will love this. Many people like it for शायरी अपनों की. Share it to spread the love.

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