मेरा ख़याल ज़ेहन से मिटा भी न सकोगे

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मेरा ख़याल ज़ेहन से मिटा भी न सकोगे
एक बार जो तुम मेरे गम से मिलोगे
तो सारी उम्र मुस्करा न सकोगे

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