एक सुबह एसी भी हो SHARE FacebookTwitter एक सुबह एसी भी हो... जहा आंख जिंदा रहने के लिये नहि पर...जिंदगी जिने के लिये खुले...More SHARE FacebookTwitter
Power of positive thinking. एक मनोवैज्ञानिक स्ट्रेस मैनेजमेंट के बारे में, अपने दर्शकों से मुखातिब था.. उसने पानी से भरा एक ग्लास उठाया... सभी ने समझा की अब "आधा खाली या आधा भरा है".. यही पूछा और स.......Read Full Message