ना ये महफिल अजीब है

SHARE

ना ये महफिल अजीब है, ना ये मंजर अजीब है
जो उसने चलाया वो खंजर अजीब है
ना डूबने देता है, ना उबरने देता है
उसकी आँखों का वो समंदर अजीब है

This is a great अजीब दुनिया शायरी. If you like दोस्तों की महफिल शायरी then you will love this. Many people like it for महफिल ए शायरी.

SHARE