जब भी उनकी गली से गुज़रता हूँ

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जब भी उनकी गली से गुज़रता हूँ
मेरी आंखें एक दस्तक दे देती हैं
दुःख ये नहीं कि वो दरवाजा बंद कर देते है
खुशी ये है कि वो मुझे अब भी पहचान लेते हैं

This is a great इक़बाल और उनकी शायरी. If you like उनकी याद में शायरी then you will love this. Many people like it for गालिब और उनकी शायरी. Share it to spread the love.

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