ज़िन्दगी दरस्त-ए-ग़म थी और कुछ नहीं

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ज़िन्दगी दरस्त-ए-ग़म थी और कुछ नहीं
ये मेरा ही हौंसला है की दरम्यां से गुज़र गया!

This is a great ज़िन्दगी और मौत शायरी. If you like ज़िन्दगी दर्द भरी शायरी then you will love this. Many people like it for ज़िन्दगी शायरी 2 लाइन. Share it to spread the love.

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