मैं फ़ना हो गया अफ़सोस वो बदला भी नहीं

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मैं फ़ना हो गया अफ़सोस वो बदला भी नहीं
मेरी चाहतों से भी सच्ची रही नफरत उसकी

This is a great बदला की शायरी.

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