महफिल में हँसना मेरा मिजाज बन गया

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महफिल में हँसना मेरा मिजाज बन गया
तन्हाई में मेरा रोना भी एक राज बन गया
दिल के दर्द को चेहरे से जाहिर न होने दिया
यही मेरे जीने का एक अंदाज़ बन गया

This is a great आशिक मिजाज शायरी. If you like मेरा गाँव शायरी then you will love this. Many people like it for मेरा नसीब शायरी.

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